रीवा में “राजेंद्र शुक्ला मॉडल स्कूल” की मांग तेज़, शिक्षा क्षेत्र में ऐतिहासिक पहल की ओर बढ़ा कदम
रीवा।
“राजेंद्र शुक्ला मॉडल स्कूल” की स्थापना के लिए सौंपा गया औपचारिक प्रस्ताव
इस विचार को लेकर आज एक औपचारिक निवेदन पत्र शिक्षा क्षेत्र से जुड़े युवा नवाचारकर्ता हृदेश तिवारी द्वारा "हरियाली महोत्सव – एक पेड़ माँ के नाम" कार्यक्रम के अवसर पर माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय परिसर, रीवा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान स्वयं उपमुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ला को सौंपा गया।
इस निवेदन को लेकर जनसामान्य में सकारात्मक ऊर्जा देखी जा रही है।
क्या है “राजेंद्र शुक्ला मॉडल स्कूल” की अवधारणा?
ह्रदेश तिवारी के अनुसार यह विद्यालय पूरी तरह नि:शुल्क एवं दान आधारित (donation-based) होगा। इस स्कूल का उद्देश्य केवल शिक्षा देना नहीं बल्कि ऐसा वातावरण तैयार करना है जहां से निकला हर छात्र रोजगार, नैतिकता और नवाचार से परिपूर्ण हो।
प्रमुख विशेषताएँ:
- रीवा जिले में स्थापित एक विश्वस्तरीय प्रेरणादायक स्कूल।
- शत-प्रतिशत नि:शुल्क शिक्षा, जिसमें किताबें, यूनिफॉर्म, डिजिटल लर्निंग आदि शामिल हों।
- AI, स्किल एजुकेशन, योग, नैतिक शिक्षा और करियर गाइडेंस जैसी विषयवस्तु।
- ग्रामीण क्षेत्रों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को प्राथमिकता।
- ऐसा मॉडल जिससे पढ़ने वाला कोई भी छात्र बेरोजगार न रहे।
राष्ट्रीय स्तर पर प्रेरणा देने वाला प्रयोग
ह्रदेश तिवारी ने स्पष्ट कहा कि आज देश में बहुत कम नेता हैं जो निजी या सामाजिक स्तर पर नि:शुल्क शिक्षा के मॉडल पर कार्य कर रहे हैं।
यदि श्री शुक्ला रीवा में एक ऐसा स्कूल स्थापित करते हैं, तो न केवल उनके नाम पर एक अद्वितीय शैक्षणिक संस्था बनेगी, बल्कि यह अन्य जनप्रतिनिधियों के लिए प्रेरणास्त्रोत भी होगा।
हरसंभव सहयोग का आश्वासन
ह्रदेश तिवारी, जो बीते 12 वर्षों से शिक्षा, तकनीकी नवाचार, प्रशासनिक क्रियान्वयन व डिजिटल अभियान में कार्यरत हैं, ने यह भी कहा कि “यदि यह विद्यालय स्थापित होता है तो मैं अपने समस्त अनुभवों और क्षमताओं के साथ हरसंभव योगदान देने के लिए तत्पर हूँ।”
लोकप्रियता से जनसेवा तक की दिशा
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि श्री शुक्ला इस दिशा में अग्रसर होते हैं तो यह कार्य उन्हें एक कुशल प्रशासक ही नहीं बल्कि सामाजिक परिवर्तन के वाहक के रूप में स्थापित करेगा।
