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19 October 2023

शिक्षक बनने के लिए अब बीएड की जगह करना होगा ITEP कोर्स, NCTE द्वारा अगले सत्र से होगा लागू - BEd ITEP Course In Hindi

BEd ITEP Course In Hindi: शिक्षक बनने के लिए अब बीएड की जगह करना होगा ITEP कोर्स, NCTE द्वारा अगले सत्र से होगा लागू - e4you.in

BEd ITEP Course In Hindi: शिक्षक बनने के लिए अब बीएड की जगह करना होगा ITEP कोर्स, NCTE द्वारा अगले सत्र से होगा लागू। जैसा कि अब तक सब पता हो गया होगा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार बीएड डिग्रीधारी प्राथमिक के लिए योग्य नहीं रह गए हैं। जिसका तोड़ निकालने के लिए NCTE लगा हुआ था।

आपको बता दें कि New Education Policy 2020 के तहत BEd की जगह चार वर्षीय ITEP Course बनाया गया है। ITEP का Full Form है Integrated Teacher Education Policy. साल 2030 तक इसे पूर्णरूप से समस्त कॉलेजों में लागू कर दिया जायेगा। अभी फ़िलहाल नए सत्र के लिए मात्र 41 कॉलेजों में लागू करा गया है।

ITEP कोर्स क्या है (What is ITEP Course In Hindi)

बाल वाटिका से 12th तक के शिक्षकों के लिए जो योग्यता तय की गयी है उसमे 2030 से ITEP को शामिल कर दिया जायेगा। फ़िलहाल अभी मात्र 41 विश्वविद्यालयों में ही इसे लागू किया गया है। जोकि पायलट प्रोजेक्ट के अकॉर्डिंग होगा। आपको बताते चलें कि साल 2030 के बाद ITEP Course के जरिये शिक्षकों भर्तियों को पूरा किया जाना सम्भावित है।

अतः इसे 2030 तक चार वर्षीय बीएड या चार-वर्षीय आईटीईपी डिग्री को अन‍िवार्य करने की तैयारी है। आगामी शैक्षिक सत्र 2023-24 के लिए 41 यूनिवर्सिटी को पायलट प्रोजेक्ट में itep के लिए प्रोग्राम शुरू किये जा रहे हैं जिसके लिए बहुत जल्द NTA द्वारा ऑनलाइन आवेदन के लिए पोर्टल शुरू किया जायेगा।

ग्रेजुएशन ऑनर्स की तरह होगा ITEP Course

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ITEP को ग्रेजुएशन ऑनर्स की ही तर्ज पर प्रबंधित किया जायेगा। जैसे Graduation Hons… करने के लिए 4 साल लगते वैसे ही अब BEd के नए प्रारूप Itep के लिए 4 साल देने होंगे। ITEP के अंतगर्त BA- BEd, BSc- BEd और BCom- BEd कोर्स चलेंगे। आपकी जानकरी के लिए बता दें इसे NEP 2020 के तहत बनाया गया है।

यह कोर्स करने से छात्र का एक साल बच जायेगा और वह पहले ही शिक्षक बनने की तरफ अग्रसर हो सकता है। क्योंकि ग्रेजुएशन करने के लिए 3 साल तथा बीएड के लिए 2 साल लगते हैं। जबकि ITEP Course 4 वर्षीय होगा अतः 1 साल बचाया जा सकेगा। हालाँकि इसका यह बिलकुल मतलब नहीं है कि BEd को समाप्त कर दिया जायेगा। नहीं BEd के Option के तौर पर ITEP होगा। 

जरूरी जानकारी

17 June 2023

Teacher Bharti Rules Change शिक्षक भर्ती नियमावली 2023, नई शिक्षक भर्ती नियमावली

Teacher Bharti Rules Change: शिक्षक भर्ती के लिए न्यूनतम योग्यता बदली, बेकार हो जाएगी B.ed की डिग्री, ये कोर्स करना हैं अनिवार्य - e4you.in

Teacher Bharti Rules Change: कक्षा 12वीं तक के सरकारी शिक्षक बनने के लिए योग्यता में बदलाव किया गया है। अब शिक्षक बनने के लिए जरूरी डिग्री का होना बेहद आवश्यक कर दिया गया है। यदि यह डिग्री नहीं होगी तो शिक्षक बनने का सपना कभी पूरा नहीं हो पाएगा। बता दें कि वर्ष 2030 से 4 वर्षीय B.ed या 4 वर्षीय एकीकृत अध्यापक शिक्षा कार्यक्रम (ITEP) डिग्री धारक ही शिक्षक बन पाएंगे। नई एजुकेशन पॉलिसी (NEP 2020) की सिफारिशों के तहत बाल वाटिका से लेकर 12वीं कक्षा तक के लिए टीचर की न्यूनतम योग्यता निर्धारित कर दी गई है। इनमें बीए-बीएड, बीएससी-बीएड और बीकॉम-बीएड भी शामिल हैं। खास बात यह है कि एकेडमिक सेशन 2023-24 से 41 यूनिवर्सिटीज में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर 4 वर्षीय B.ed कोर्स शुरू हो रहा है। एनटीए नेशनल कॉमन एंट्रेंस टेस्ट के लिए अगले हफ्ते ऑनलाइन एप्लीकेशन विंडो शुरू करेगा। बता दें कि नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (एनसीईटीई) के अध्यक्ष योगेश सिंह ने जानकारी दी है।

4 साल का हो जाएगा बीएड प्रोग्राम (Teacher Bharti Rules Change)

नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (एनसीईटीई) के अध्यक्ष ने कहा कि NEP 2020 के तहत ही 4 वर्षीय बीएड प्रोग्राम शुरू हो रहा है। साल 2030 से स्कूलों में टीचर बनने के लिए शिक्षकों की न्यूनतम योग्यता निर्धारित कर दी गई है। इसमें 4 वर्षीय बीएड या 4 वर्षीय इंटेग्रेटेड टीचर एडुकेशन प्रोग्राम (Integrated Teacher Education Program (ITEP) डिग्री धारक शामिल हैं। पहला पायलट प्रोजेक्ट इसी सेशन से 41 यूनिवर्सिटीज में शुरू हो रहा है। यह सिलेबस नई स्कूल संरचना के चार चरणों यानी फाउंडेशनल, प्रिपरेटरी, मिडिल और सेकेंडरी (5+3+3+4) के लिए टीचर्स को तैयार करेगा। आईटीईपी न केवल अत्याधुनिक शिक्षा प्रदान करेगा, बल्कि शुरूआती बचपन की देखभाल और एजुकेशन (ईसीसीई), फाउंडेशन लिटरेसी एंड न्यूमेरसी (Foundational Literacy and Numeracy (FLAN), समावेशी शिक्षा और भारत व इसके मूल्यों, आचारों, कला, परंपराओं की समझ व अन्य विषयों का आधार भी बनाएगा।

शिक्षा में सुधार के लिए उठाया कदम

स्कूली एजुकेशन की क्वालिटी में सुधार के मकसद से इंटेग्रेटेड टीचर एडुकेशन प्रोग्राम से मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों में बीए-बीएड, बीएससी-बीएड और बीकॉम-बीएड पाठ्यक्रम कोर्स शुरू हो रहा है। यह एक डुअल कंपोसाइट ग्रेजुएट डिग्री होगी। 12वीं कक्षा के बाद जो छात्र टीचर बन अपना भविष्य बनाना चाहते होंगे, वे बीए-बीएड, बीकॉम-बीएड और बीएससी-बीएड प्रोग्राम में से किसी एक में एडमिशन ले सकते हैं। फिलहाल तब तक पहले की तरह 2 वर्षीय बीएड प्रोग्राम भी चलता रहेगा।

इस दिन से शुरू होंगे आवेदन

एकेडमिक सेशन 2023-24 से पहले पायलट प्रोजेक्ट के तहत 41 यूनिवर्सिटीज में 4 वर्षीय बीएड या 4 वर्षीय आईटीईपी शुरू होगा। इसमें एडमिशन के लिए एनटीए नेशनल कॉमन एंट्रेंस टेस्ट आयोजित करेगी।इस टेस्ट के लिए एनटीए अगले हफ्ते ऑनलाइन एप्लीकेशन फॉर्म के लिए विंडो खोलेगा। इस में इसकी मेरिट से एडमिशन मिलेगा। हर बैच में 50 छात्र होंगे। वहीं, कुछ यूनिवर्सिटीज में 2-2 बैच में पढ़ाई भी होगी। Readmore 

14 June 2023

MP BED NEWS- इस साल भी बीएड में सबको एडमिशन मिलेगा

MP COLLEGE ADMISSION- BEd में कटऑफ 65% गया, इंदौर की 71% सीटें फर्स्ट राउंड में आवंटित

मध्य प्रदेश में सरकारी शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के कारण इस साल BEd में एडमिशन के लिए इंदौर में बड़ी लंबी कतारें देखने को मिल रही है। फर्स्ट राउंड में 71% सीटों का अलॉटमेंट हो गया। कट ऑफ 65% गया। 10-12 कॉलेज ऐसे हैं जहां पर कट ऑफ 70% से ज्यादा रहा है।
मध्यप्रदेश में BEd के लिए पिछले साल कट ऑफ 71% था
सिलेक्ट हुए स्टूडेंट्स को 14 जून तक फीस जमा करके अपनी सीट कंफर्म करनी है। इंदौर शहर के 33 कॉलेजों की 3450 सीटों में से 71 फीसदी अलॉटमेंट आया है। जबकि डीएवीवी के दायरे में आने वाले कुल 67 कॉलेजों की 6900 सीटों में से 65 फीसदी सीटों पर अलॉटमेंट आ गया है। जिन्हें कोई कॉलेज अलॉट नहीं हुआ है, उनमें ज्यादातर वे छात्र भी हैं, जिन्हें पिछले साल भी चारों राउंड पूरे होने के बाद भी एडमिशन नहीं मिल पाया था। हालांकि पिछली बार कटऑफ 71 फीसदी के आसपास था, वह इस बार घटा है। 

MP NEWS- इस साल भी बीएड में सबको एडमिशन मिलेगा

बीएड कॉलेजों में एडमिशन के पहले राउंड के लिए प्रदेशभर की 50 हजार से ज्यादा सीटों के लिए कुल 1 लाख 11 हजार रजिस्ट्रेशन हुए थे, उनमें से दस्तावेज सत्यापन 54 हजार का ही हो पाया था। यानी कहा जा सकता है कि लगभग सभी को एडमिशन मिल जाएगा। पहले चरण में 65 फीसदी छात्रों को कॉलेज अलॉट हो गया है। शेष 35% विद्यार्थियों को भी जल्द ही एडमिशन मिल जाएगा। 

BEd एडमिशन के लिए सेकंड और थर्ड राउंड कब 

दूसरा राउंड : 12 जून तक रजिस्ट्रेशन 15 जून तक दस्तावेजों का ऑनलाइन सत्यापन 22 जून को लिस्ट आएगी। 26 जून तक संबंधित कॉलेजों में फीस जमा करना होगी।
तीसरा राउंड : 19 जून से 24 जून तक रजिस्ट्रेशन। 20 जून 27 जून तक दस्तावेजों का ऑनलाइन सत्यापन 5 जुलाई को लिस्ट आएगी। 10 जुलाई तक संबंधित कॉलेजों में फीस जमा करना होगी। 

12 June 2023

इसे पढ़ लेने के बाद में उनके होश ठिकाने नहीं रहने वाले हैं क्योंकि अब b.ed की डिग्री बेकार कर दी गई है

बीएड की डिग्री हुई अब बेकार पूरे भारत में शिक्षक बनने के लिए अब न्यूनतम योग्यता में हो गया बड़ा बदलाव - 

B.ed की डिग्री में हो गया बड़ा बदलाव जिन लोगों ने b.ed की डिग्री कर रखी है इसे पढ़ लेने के बाद में उनके होश ठिकाने नहीं रहने वाले हैं क्योंकि अब b.ed की डिग्री बेकार कर दी गई है यदि आपको शिक्षक बनना है तो आपको इसकी जगह किसी दूसरी चीज की डिग्री लेनी होगी तब जाकर आप शिक्षक बन पाओगे इस लेख को अंतिम तक आपको ध्यान पूर्वक पढ़ना है ताकि आप सरकार के द्वारा इस नए जारी किए अपडेट को अच्छी तरीके से समझ सको और अंत में फिर आपको अपनी राय कमेंट बॉक्स में बताना है कि सरकार ने जो कदम उठाया है यह फायदेमंद साबित होगा आपके लिए या फिर यह आपके लिए नुकसानदायक साबित होगा।

क्या है b.ed की डिग्री से जुड़ा अपडेट

पहले ऐसे हुआ करता था कि यदि किसी भी व्यक्ति को शिक्षक बनना है तो पहले वह 12वीं कक्षा तक पढ़ाई करता था 12वीं कक्षा में उसकी जो विषय रहते थे उसी के आधार पर वह आगे पीए ने विषय रहता था बीएमएसए फिर उस छात्र को एक विषय का चुनाव करके भी ऐड करना होता था फिर तब जाकर वह एक शिक्षक बन पाता था लेकिन अब इस प्रक्रिया को हटा दिया गया है जिसकी जगह अब नया प्रोग्राम चलाया जा रहा है भारत सरकार की तरफ से शिक्षक बनने के लिए या यूं भी कह सकते हैं कि भारत सरकार की तरफ से b.ed बनने के लिए एक पूरा ही नया कोर्स जारी कर दिया गया है इसलिए पूरी शिक्षा पद्धति में और पूरी शिक्षा नीति में बदलाव किया गया है नई शिक्षा नीति के मुताबिक अब शिक्षक बनने के लिए आपको b.ed नहीं करना होगा बल्कि आपको 4 वर्षीय बीए प्रोग्राम करना होगा इसका ऐलान सरकार की तरफ से कर दिया गया है वैसे देखा जाए तो 2020 के अंदर नई शिक्षा नीति की सिफारिश करी गई थी उसके बाद में सरकार ने इसके ऊपर काम करना शुरू कर दिया था और अब नई शिक्षा नीति के असर भी दिखाई दिए जाने लगे हैं 2030 तक भारत में जितने भी विद्यालय हैं उन सभी में नई शिक्षा नीति के मुताबिक पढ़ाई होने लग जाएगी ।

नई शिक्षा नीति को लेकर बहुत बड़े अपडेट

राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद यानी कि साफ शब्दों में कहें तो एनसीपीआई के जो अध्यक्ष है प्रोफेसर योगेश सिंह उन्होंने हाल फिलहाल में नई शिक्षा नीति को लेकर बड़ा अपडेट दे दिया है इन्होंने ही 4 वर्षीय बीए प्रोग्राम शुरू करने का ऐलान किया है नई शिक्षा नीति 2020 में इसकी सिफारिश की गई थी 2030 तक यह पूरे भारत में पूर्ण रुप से लागू कर दी जाएगी । आपको शिक्षक बनने के लिए 4 वर्षीय नया शिक्षा कार्यक्रम में भाग लेना होगा जिसे आईटीपीबी कहते हैं जिसमें डिग्री धारक शामिल होंगे । सरकार ने इस पर बहुत ही तेज गति से कार्य करना चालू कर दिया इस सरकार ने इस पहले पायलट प्रोजेक्ट को इसी सत्र में जारी करने का निर्णय लिया है सरकार करीब 41 विश्वविद्यालयों में इस प्रोजेक्ट को लेकर काम शुरू करने जा रही है इसको लेकर पाठ्यक्रम का चरण कुछ इस प्रकार रहने वाला है 5+3+3+4 ।

सरकार के द्वारा जो नई शिक्षा नीति तैयार करी गई है इसकी वजह से बालकों का अच्छी तरीके से विकास होगा और आने वाले भारत की तस्वीर बदलने वाली है कि जो पीढ़ी तैयार होगी वह किसी है कि विषय की पढ़ाई करेगी और उसे उसका पूर्ण ज्ञान होने के कारण वह उस क्षेत्र में बहुत अच्छे कार्य करेंगे जिसकी वजह से पूरे भारत का अच्छा विकास हो सकेगा। हालांकि जो अभी पढ़ाई कर रहे हैं वह सरकार के इस निर्णय की वजह से निराश हो सकते हैं लेकिन नई पीढ़ी का इससे काफी ज्यादा फायदा होने वाला है । इसी तरह की शिक्षा से संबंधित जुड़े अपडेट सबसे पहले पाने के लिए हमारे व्हाट्सएप ग्रुप और टेलीग्राम ग्रुप को अवश्य जॉइन करें ।

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08 June 2023

B.Ed की अब नहीं है आवश्यकता, शिक्षण योग्यता के क्षेत्र में हुए महत्वपूर्ण परिवर्तन, जानें लेटेस्ट अपडेट

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New Update: यदि सरकार द्वारा या राज्य सरकार द्वारा चलाया जाता है, तो यहां नई शिक्षा नीति में प्राथमिक से लेकर हाई स्कूल तक की न्यूनतम आवश्यकता है
By - e4you

जैसा कि यह राज्य सरकार द्वारा चलाया जाता है, नई शिक्षा नीति ने प्राथमिक से हाई स्कूल के माध्यम से शिक्षकों को भर्ती करने के लिए न्यूनतम प्रशिक्षण की आवश्यकता को बदल दिया है।
क्या सरकारी नजरिए से भारत के सभी सरकारी स्कूल B.Ed हैं? यदि सरकार द्वारा या राज्य सरकार द्वारा चलाया जाता है, तो यहां नई शिक्षा नीति में प्राथमिक से लेकर हाई स्कूल तक की न्यूनतम आवश्यकता है। शिक्षक की भर्ती के कारण मेरा अकादमिक प्रदर्शन बदल गया है। शिक्षक बनने के लिए आपको एक नया कोर्स करना होगा। अब हम आपको इस कोर्स के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करते हैं। Readmore 

05 June 2023

Government Teacher: बिना बीएड के यहां बन सकते हैं सरकारी शिक्षक, आवेदन के लिए जरूरी हैं ये डिग्री

Government Teacher without BEd: 

सरकारी नौकरी में शिक्षक भर्ती परीक्षा की तैयारी में लगे युवा अभ्यर्थियों के लिए खुशखबरी है. दरअसल, ऐसे युवा जिनके पास अभी बीएड की डिग्री नहीं है वो भी सरकारी शिक्षक के लिए आवेदन कर सकते हैं. बता दें कि समय – समय पर केंद्र सरकार के अंतर्गत आने वाले केंद्रीय विद्यालयों और नवोदय विद्यालयों के लिए भर्तियां निकलती हैं. इसमें आवेदन के लिए बीएड की योग्यता अनिवार्य है. ऐसे में आज इस आर्टिकल के माध्यम से हम बताएंगे कि बिना बीएड के सरकारी शिक्षक बनने के लिए आप कहां पर आवेदन कर सकते हैं.

बता दें कि सरकारी शिक्षक की होने वाली सभी सीधी भर्तियों में बीएड की अनिवार्यता नहीं होती है. जैसे पोस्ट ग्रेजुएट टीचर (पीजीटी) कंप्यूटर साइंस के पद के लिए बीएड की अनिवार्यता नहीं है. पीजीटी कंप्यूटर साइंस की भर्ती समय-समय पर केंद्रीय विद्यालयों, नवोदय विद्यालयों और राज्यों के सरकारी व निजी विद्यालयों में निकलती रहती है. यहां आवेदन के लिए बीएड जरूरी नहीं होता है. अंतिन रूप से चयनित होने के बाद आप प्राइमरी, अपर प्राइमरी, सेकेंड्री और सीनियर सेकेंड्री लेवल के बच्चों को पढ़ा सकते हैं. हालांकि बीएड के अलावा अन्य सभी योग्यताओं को आवश्यक रुप से पूरा करना होगा.

पीजीटी कंप्यूटर साइंस के लिए जरूरी योग्यता
अभ्यर्थियों के पास पीजीटी कंप्यूटर साइंस की भर्ती के लिए कंप्यूटर साइंस या आइटी में बीई/बीटेक होना चाहिए. इसके अलावा किसी भी स्ट्रीम में बीटेक, कंप्यूटर में पीजी डिप्लोमा, कंप्यूटर साइंस में एमएससी, मास्टर ऑफ कंप्यूटर अप्लीकेशन (एमसीए), बैचलर ऑफ कंप्यूटर अप्लीकेशन (बीसीए) पास अभ्यर्थी भी आवेदन कर सकते हैं. हालांकि पदोन्नति के लिए बीएड की डिग्री होना आवश्यक है.